ट्रेंट लिमिटेड, टाटा ग्रुप की प्रमुख रिटेल कंपनी, हाल के वर्षों में तेजी से वृद्धि कर रही है, खासकर अपने ब्रांड्स वेस्टसाइड और जुदियो के दम पर। कंपनी की स्टैंडअलोन रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जैसे कि Q3 FY26 में 17% YoY ग्रोथ के साथ 5,220 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया गया, जबकि 9 महीनों में 18% की वृद्धि हुई। हालांकि हाल ही में शेयर प्राइस में 8-9% की गिरावट आई है, जो Q3 अपडेट के बाद निवेशकों की अपेक्षाओं से कमजोर ग्रोथ पर आधारित है, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है।
कंपनी का वर्तमान परिदृश्य
ट्रेंट लिमिटेड फैशन रिटेल में विशेषज्ञ है, जो अपैरल, फुटवियर और एक्सेसरीज बेचती है। वर्तमान में शेयर प्राइस लगभग 4,048-4,100 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, मार्केट कैप 1,45,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि 52-सप्ताह हाई 7,085 रुपये और लो 3,930 रुपये रहा। कंपनी ने पिछले 5 वर्षों में 67.2% CAGR से प्रॉफिट ग्रोथ हासिल की है, ROE 30.4% और ROCE 30.7% है, जो सेक्टर में मजबूत स्थिति दर्शाता है। Zudio जैसे वैल्यू फॉर्मेट ने स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 854 तक पहुंचाई है, जो सेल्स को बूस्ट कर रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण
ट्रेंट की सेल्स पिछले 10 वर्षों में 22% CAGR से बढ़ी है, FY25 में 17,135 करोड़ रुपये पहुंची, जबकि TTM 18,575 करोड़ है। प्रॉफिट ग्रोथ 48% CAGR रही, EPS 45.63 रुपये है, हालांकि P/E रेशियो 88.7 पर हाई वैल्यूएशन दिखाता है। हालिया Q3 में रेवेन्यू 5,220 करोड़ रही, लेकिन सीक्वेंशियल ग्रोथ फ्लैट होने से शेयर में दबाव आया। फिर भी, स्टोर एक्सपैंशन (30 वेस्टसाइड और 89 जुदियो नए स्टोर्स) से फ्यूचर ग्रोथ की उम्मीद है।
शेयर प्राइस टारगेट टेबल (2026-2030)
विभिन्न एनालिस्ट फोरकास्ट के आधार पर ट्रेंट के शेयर प्राइस टारगेट निम्न हैं। ये अनुमान बाजार ट्रेंड्स, ग्रोथ रेट और वैल्यूएशन पर आधारित हैं।
| वर्ष | न्यूनतम टारगेट (₹) | अधिकतम टारगेट (₹) | अपेक्षित औसत (₹) |
| 2026 | 6,300 | 7,666 | 7,000 |
| 2027 | 7,800 | 9,500 | 9,000 |
| 2028 | 10,800 | 12,300 | 11,500 |
| 2029 | 12,200 | 14,800 | 14,000 |
| 2030 | 15,200 | 18,500 | 17,000 |
ये टारगेट्स बुलिश मार्केट कंडीशंस मानकर बनाए गए हैं, जहां कंपनी 20-30% वार्षिक ग्रोथ बनाए रखे।
प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
ट्रेंट की ग्रोथ Zudio के तेज विस्तार और प्रीमियम ब्रांड्स पर निर्भर है, जो मिडिल क्लास कंज्यूमर्स को टारगेट करते हैं। भारत के रिटेल सेक्टर में ऑर्गनाइज्ड मार्केट शेयर बढ़ने से फायदा होगा, साथ ही टाटा ग्रुप का बैकिंग मजबूती देता है। हालांकि, हाई P/E (89.69), कॉम्पिटिशन (जैसे रिलायंस रिटेल) और इकोनॉमिक स्लोडाउन रिस्क्स हैं। एनालिस्ट्स का 1-ईयर टारगेट 5,900 रुपये औसत है, जिसमें स्ट्रॉन्ग बाय रेटिंग्स हैं।
निवेश जोखिम और सलाह
शेयर में वोलेटिलिटी हाई है, जैसा कि हालिया 8% गिरावट से पता चलता है, इसलिए डाइवर्सिफिकेशन जरूरी है। लॉन्ग टर्म निवेशक 2026-2030 में 2-3 गुना रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं, अगर कंपनी 18-20% रेवेन्यू ग्रोथ जारी रखे। हमेशा खुद रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, क्योंकि मार्केट प्रेडिक्शंस बदल सकते हैं। कुल मिलाकर, ट्रेंट रिटेल सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का मजबूत हिस्सा है।