अगले 5 सालों में कहाँ तक जाएगा Reliance Industries का शेयर? देखें आ गया नया टारगेट प्राइस

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Reliance Industries Ltd (RIL) भारत की सबसे बड़ी कंपनी है जो एनर्जी, रिटेल, टेलीकॉम और न्यू एनर्जी जैसे क्षेत्रों में काम करती है, और हाल ही में इसकी शेयर प्राइस में 4-5% की गिरावट आई है जिससे मार्केट वैल्यू में 94,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वर्तमान में शेयर प्राइस लगभग 1508-1510 रुपये पर ट्रेड कर रही है, जबकि एनालिस्ट्स 91% BUY रेटिंग के साथ सकारात्मक हैं। इस ब्लॉग में 2026 से 2030 तक के प्राइस टारगेट्स पर डिटेल्ड विश्लेषण दिया गया है जो कंपनी के फाइनेंशियल्स और मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित है।​

कंपनी का वर्तमान हाल

रिलायंस ने FY 2024-25 में रेवेन्यू 5,33,392 करोड़ रुपये किया जो पिछले साल से थोड़ा कम है, लेकिन नेट प्रॉफिट 35,262 करोड़ रुपये रहा और ROCE 8.71% है। Jio और रिटेल सेगमेंट्स मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं, जबकि न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स जैसे ग्रीन हाइड्रोजन पर फोकस है। हाल की गिरावट ऑयल एंड गैस सेक्टर के प्रेशर से हुई, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत है। मार्केट कैप 20.43 लाख करोड़ रुपये है।​

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2026-2030 के लिए प्राइस टारगेट टेबल

विभिन्न एनालिस्ट रिपोर्ट्स से संकलित डेटा के आधार पर नीचे टेबल में मिनिमम, एवरेज और मैक्सिमम टारगेट्स दिए गए हैं। ये अनुमान डाइवर्सिफाइड बिजनेस, Jio 5G एक्सपैंशन और न्यू एनर्जी पर निर्भर हैं।​

वर्षन्यूनतम प्राइस (₹)अधिकतम प्राइस (₹)औसत प्राइस (₹)
2026164229262260
2027242832502840
2028272036653190
2029237444833430
2030272065004250

विकास के प्रमुख कारक

रिलायंस का डाइवर्सिफाइड मॉडल इसे मजबूत बनाता है, जहां Jio के 5G रोलआउट से डिजिटल रेवेन्यू बढ़ेगा और रिटेल में tier-2 शहरों का विस्तार होगा। न्यू एनर्जी बिजनेस 2030 तक बड़ा कंट्रीब्यूटर बनेगा, जबकि रिफाइनिंग मार्जिन्स रिकवर हो सकते हैं। प्रमोटर होल्डिंग 50% से ज्यादा है जो कॉन्फिडेंस दिखाता है। हालांकि, ग्लोबल ऑयल प्राइस वोलेटिलिटी रिस्क है।​

निवेश सलाह और सावधानियां

लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए RIL अच्छा ऑप्शन है क्योंकि 2030 तक 2-3 गुना रिटर्न की संभावना है, खासकर डिविडेंड यील्ड 0.35% के साथ। लेकिन शॉर्ट टर्म में सेक्टर प्रेशर से उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए SIP या डाइवर्सिफिकेशन अपनाएं। फाइनेंशियल एडवाइजर से कंसल्ट करें और मार्केट न्यूज फॉलो करें। कुल मिलाकर, रिलायंस का फंडामेंटल स्ट्रॉन्ग है और ग्रोथ पोटेंशियल ऊंचा।

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Disclaimer

इस आर्टिकल में बताई जानकरी शिक्षा के उद्देश्य से दी गयी है और यह कोई प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। हम कोई सेबी रजिस्टर्ड फर्म नहीं हैं इसलिए कोई भी निवेश करने के पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य करें।

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