Penny Share Vodafone Idea Share : शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया यानी Vi के शेयर लोगों के बीच बहुत चर्चित रहे इस दिन कंपनी के शेयर की कीमत में अच्छा खासा उछाल देखने को मिला ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी की एक दूसरी यूनिट यानी उसकी सब्सिडियरी ने करीब 3300 करोड़ रुपये जुटाए।
कंपनी के शेयर 6% से अधिक बढ़ गए कारोबार खत्म होने तक शेयर 5.75% ऊपर चढ़कर 11.96 रुपये पर बंद हुआ दिन में कभी-कभी यह 12 रुपये तक भी गया लगातार यह दूसरा दिन था जब शेयर की कीमत ऊपर गई इस साल की शुरुआत से अब तक देखा जाए तो वोडाफोन आइडिया का शेयर लगभग 49% तक बढ़ चुका है, जो कंपनी के लिए एक अच्छी बात है।
3300 करोड़ रुपये जुटाने की खबर
वोडाफोन आइडिया की एक दूसरी कंपनी का नाम है Vodafone Idea Telecom Infrastructute Limited, जिसे छोटा करके VITIL कहा जाता है इस कंपनी ने बाजार से 3300 करोड़ रुपये गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करके जुटाए हैं आसान भाषा में कहें तो कंपनी ने पैसे उधार लिए हैं, जिन्हें बाद में वह ब्याज सहित वापस करेगी।
कंपनी ने बताया कि यह रकम वोडाफोन आइडिया को दी जाएगी ताकि वह अपने पुराने भुगतान यानी कर्ज आदि चुकता कर सके कंपनी का कहना है कि इस पैसे का कुछ हिस्सा नेटवर्क सुधार और दूसरी ज़रूरी तकनीकों पर भी खर्च किया जाएगा ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवा दी जा सके।
मशहूर ब्रोकरेज CLSA की रिपोर्ट
इसी बीच, मशहूर ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एक रिपोर्ट जारी की जिसने निवेशकों का उत्साह और बढ़ा दिया रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार वोडाफोन आइडिया के ऊपर जो एजीआर यानी “समायोजित सकल राजस्व” का बकाया है, उस पर कुछ राहत देने पर विचार कर सकती है आसान शब्दों में, सरकार कंपनी से जुर्माना और ब्याज की पूरी रकम न वसूलने का सोच सकती है इससे कंपनी का बोझ काफी कम हो जाएगा यह राहत अगर मिलती है तो कंपनी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी होगी क्योंकि अभी तक उस पर काफी बड़ा बकाया है।
कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति
CLSA की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वोडाफोन आइडिया पर करीब 780 अरब रुपये का एजीआर बकाया रहा अगर सरकार की तरफ से राहत मिलती है, तो कंपनी को तकरीबन 8 अरब डॉलर तक का फायदा हो सकता है हालांकि अभी कंपनी पर कुल एजीआर बकाया लगभग 83,400 करोड़ रुपये का है इतना ही नहीं, चालू वित्त वर्ष यानी 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में कंपनी को 12,132 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
सितंबर के अंत तक कंपनी की संपत्ति भी नकारात्मक 82,460 करोड़ रुपये पर थी इसका मतलब है कि कंपनी की देनदारी उसकी संपत्ति से कहीं ज़्यादा है फिर भी, निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि अगर सरकार राहत देती है और कारोबार बढ़ता है, तो कंपनी के हालात आने वाले समय में सुधर सकते हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है इसे किसी निवेश सलाह या वित्तीय सुझाव के रूप में न लें निवेश करने से पहले हमेशा अपनी जांच करें या किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।