Ola Electric के शेयर यानी हिस्सेदारी की कीमत लगातार घट रही है 18 दिसंबर को इसके शेयर तीसरे दिन भी नीचे चले गए यह शेयर 4.6 प्रतिशत गिर गया और 31.41 रुपये तक आ गया यह इसका पिछले 52 हफ़्तों का सबसे कम भाव है सिर्फ़ तीन दिनों में इसकी कीमत लगभग 16 प्रतिशत तक नीचे गिर चुकी है।
Ola के मालिक ने बेचे शेयर
कंपनी के मालिक यानी फाउंडर भाविश अग्रवाल ने कई शेयर बेचे हैं एक दिन पहले यह ख़बर आई थी कि उन्होंने ओपन मार्केट में 4.2 करोड़ शेयर बेच दिए इससे पहले 16 दिसंबर को उन्होंने 2.6 करोड़ शेयर बेचे थे इन दोनों सौदों की कुल कीमत लगभग 234 करोड़ रुपये रही ओला इलेक्ट्रिक की ओर से कहा गया कि यह शेयर इसलिए बेचे गए ताकि कंपनी पर लिया गया 260 करोड़ रुपये का कर्ज़ पूरा चुकाया जा सके साथ ही जो शेयर पहले गिरवी रखे गए थे उनका बोझ भी ख़त्म किया जा सके सितंबर 2025 तक भाविश अग्रवाल के पास कंपनी में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा था।
शेयर बाजार में शुरू से गिरावट
ओला इलेक्ट्रिक ने अगस्त 2024 में शेयर बाजार में प्रवेश किया था उस समय इसका IPO यानी पहली बार शेयर बेचने का दाम 76 रुपये तय किया गया था लेकिन अब यह शेयर उस दाम से करीब 59 प्रतिशत नीचे आ चुका है यानी जिसने पहले दिन शेयर खरीदा था उसे इस समय बड़ा नुकसान देखने को मिल रहा है कंपनी की कुल कीमत यानी मार्केट कैप लगभग 14000 करोड़ रुपये मानी जा रही है पिछले एक साल में यह शेयर 67 प्रतिशत गिरा है तीन महीनों में 45 प्रतिशत और सिर्फ़ एक महीने में 25 प्रतिशत नीचे आया है बाजार में जो लोग कंपनियों के शेयरों पर नज़र रखते हैं उन्हें एनालिस्ट कहा जाता है ओला इलेक्ट्रिक पर इस समय 8 एनालिस्ट नज़र रख रहे हैं उनमें से 3 लोगों का कहना है कि यह शेयर अभी भी खरीदने लायक है एक ने कहा कि इसे अभी रखो यानी “होल्ड” करो जबकि 4 लोगों का मानना है कि इसे बेच देना चाहिए।
छोटे निवेशकों की संख्या बढ़ी
सितंबर 2024 में कंपनी के छोटे निवेशक लगभग 14 लाख थे छोटे निवेशक का मतलब है वे लोग जिनके निवेश की रकम दो लाख रुपये तक होती है इनकी कंपनी में करीब 8 प्रतिशत हिस्सेदारी थी एक साल बाद यानी सितंबर 2025 में छोटे निवेशकों की संख्या बढ़कर 19 लाख हो गई अब इनकी कंपनी में 17 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सेदारी है इसका मतलब है कि भले ही शेयर का दाम गिरा हो लेकिन छोटे लोगों का भरोसा कंपनी में बढ़ा है।
कंपनी को अभी भी नुकसान
जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कंपनी को नुकसान हुआ लेकिन यह पिछले साल से थोड़ा कम था पहले कंपनी को ₹495 करोड़ का घाटा हुआ था अब यह घटकर ₹418 करोड़ पर आ गया इस दौरान कंपनी का कारोबार यानी रेवेन्यू भी कम हुआ रेवेन्यू 43 प्रतिशत घटकर ₹690 करोड़ पर पहुंच गया इस समय में ओला इलेक्ट्रिक ने 52666 इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ बनाई और बेचीं कंपनी का जो असली कामकाज चलाने का नफ़ा यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट है वह ₹203 करोड़ रहा यानी अभी कंपनी को नुकसान तो हो रहा है लेकिन धीरे-धीरे वह अपने नुकसान को कम करने की कोशिश कर रही है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है यह किसी निवेश या शेयर खरीदने की सलाह नहीं है किसी भी आर्थिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।