IRFC vs IRCON vs RVNL : भारतीय रेलवे से जुड़ी ये तीन कंपनियाँ RVNL, IRFC और IRCON बाजार में इन दिनों खूब चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दिसंबर 2025 के कुछ ही दिनों में इनके शेयरों की कीमत में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है, क्योंकि लोग मानते हैं कि सरकार रेलवे के विकास पर आने वाले वर्षों में भी पूरा ध्यान देगी। रेलवे का बड़ा बजट नई लाइनों बनाने, पुरानी लाइनों को दोगुना करने और सुरक्षा के कामों पर खर्च हो रहा है, जिससे इन कंपनियों को सीधे फायदा मिलेगा।
IRFC
Indian Railway Finance Corporation यानी IRFC मुख्य रूप से भारतीय रेलवे और इससे जुड़ी कंपनियों को पैसा उधार देती है। मार्च 2025 तक इसकी कुल उधारी या एसेट बुक 4.12 से 4.60 लाख करोड़ रुपये के बीच थी, जिसमें 99 प्रतिशत हिस्सा रेल मंत्रालय से जुड़े लीज और अग्रिम राशि पर था। हाल ही में IRFC ने DFCCIL के लिए 9,821 से 10,000 करोड़ रुपये के विश्व बैंक लोन को फिर से वित्तपोषित किया और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी भूमिका बढ़ाई। इससे कंपनी का कैश फ्लो स्थिर रहता है।
IRCON
Ircon International एक इंजीनियरिंग कंपनी है जो रेलवे, हाईवे और दूसरे परिवहन के बड़े प्रोजेक्ट बनाती है। जून 2025 तक इसकी ऑर्डर बुक करीब 20,347 से 20,973 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा काम रेलवे से जुड़े थे और बाकी हाईवे व अन्य क्षेत्रों से। सितंबर 2025 तक यह ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग 23,865 करोड़ रुपये हो गई, जो कंपनी को अगले तीन साल तक कमाई की अच्छी उम्मीद देती है। इससे IRCON को भविष्य में स्थिर आय मिलने का भरोसा है।
RVNL
Rail Vikas Nigam Limited यानी RVNL रेलवे, मेट्रो, हाईवे और विदेशी प्रोजेक्ट्स पर EPC और PMC तरीके से काम करती है। वित्त वर्ष 25 के अंत तक इसकी ऑर्डर बुक 97,000 से 1,00,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है, जो अगले तीन-चार सालों के लिए कमाई की स्पष्ट तस्वीर देती है। कंपनी ने FY25 के लिए 21,000 से 22,000 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है और प्रबंधन ने बताया है कि नए ऑर्डर लगातार आते रहेंगे। यह ऑर्डर बुक RVNL को बाजार में सबसे मजबूत बनाती है।
IRFC vs IRCON vs RVNL
अगले साल 2026 को ध्यान में रखें तो RVNL के पास 90,000 से 97,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक और 21,000 से 22,000 करोड़ रुपये की कमाई गाइडेंस है, जो इसे EPC क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बनाती है। IRCON का 20,973 करोड़ रुपये का विविध ऑर्डर बुक इसे मध्यम आकार की इंफ्रा कंपनी के रूप में चमकाता है। वहीं IRFC की 4.12 लाख करोड़ रुपये की लोन बुक और रेलवे से जुड़ा फाइनेंस मॉडल इसे अलग तरह का स्थिर स्टॉक बनाता है। इन तीनों के ऑर्डर बुक और फाइनेंसिंग से निवेशकों को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है। सरकार का रेलवे पर फोकस इनकी प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत करेगा।
Disclaimer : यह जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें और बाजार जोखिमों को समझें। हम कोई निवेश सलाह नहीं दे रहे।