भारत का Defence Sector अब पहले से बहुत मजबूत हो गया है देश अपने हथियार जहाज और मशीनें खुद बना रहा है सरकार के “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे प्लान से डिफेंस उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है साल 2025 में भारत का कुल रक्षा उत्पादन 1.54 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है जो अब तक का सबसे ज्यादा है आज देश में करीब 16000 से ज्यादा छोटी-बड़ी कंपनियाँ डिफेंस सेक्टर का हिस्सा हैं इन कंपनियों में कई बड़ी सरकारी और निजी कंपनियाँ हैं जो भारतीय सेना नौसेना और वायुसेना के लिए खास मशीनें और उपकरण बनाती हैं।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock)
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड जिसे MDL कहा जाता है एक बड़ी सरकारी कंपनी है इसे “नवरत्न” PSU का दर्जा मिला है यह कंपनी भारतीय नौसेना के लिए बहुत बड़े-बड़े युद्धपोत फ्रिगेट और पनडुब्बियाँ बनाती है सितंबर 2025 तक कंपनी के पास ₹27415 करोड़ का ऑर्डर बुक है यानी इतने काम इसके पास आने वाले समय के लिए तय हैं इस समय कंपनी का रेवेन्यू ₹5555 करोड़ था हालांकि इसका मुनाफा घटकर ₹1200 करोड़ रह गया फिर भी यह कंपनी कर्ज से मुक्त है।
कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard)
यह कंपनी भी भारत की एक सरकारी PSU है यह सैन्य और व्यावसायिक दोनों तरह के जहाज बनाती है और उनकी मरम्मत करती है कोचीन शिपयार्ड बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे जहाज बनाने की क्षमता भी रखती है कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹21100 करोड़ है जिसमें ₹13700 करोड़ डिफेंस से जुड़े काम के हैं हाल ही में इसके नतीजों में गिरावट आई है सितंबर तिमाही में इसका मुनाफा 43% घटकर ₹107.5 करोड़ रह गया रेवेन्यू भी थोड़ा घटा और ऑपरेटिंग मार्जिन 17.2% से कम होकर 6.5% पर आ गया
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE)
यह कंपनी “मिनीरत्न” PSU है यह भारतीय नौसेना के लिए फ्रिगेट सर्वे जहाज और हल्की नावें बनाती है इसके पास ₹20200 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक है GRSE फिलहाल नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट प्रोजेक्ट में मजबूत दावेदार है सितंबर तिमाही में GRSE का मुनाफा 56% बढ़कर ₹153 करोड़ हुआ इसकी आमदनी भी पिछले साल से 45% ज्यादा रही कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 9.3% तक पहुंच गया है जो पहले 5.9% था।
सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया (Solar Industries)
यह कंपनी शुरू में उद्योगों के लिए विस्फोटक बनाती थी पर अब यह डिफेंस सेक्टर में गोला-बारूद और रॉकेट सिस्टम बनाकर तेजी से आगे बढ़ रही है इसके पास ₹17100 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक है इसमें ₹15500 करोड़ का काम सिर्फ डिफेंस का है साल की पहली छमाही में कंपनी की बिक्री ₹4237 करोड़ रही और मुनाफा ₹714 करोड़ तक पहुंच गया इससे साफ है कि डिफेंस बिजनेस ने इसे बहुत मजबूत बनाया है।
बीईएमएल (BEML)
बीईएमएल लिमिटेड एक बड़ी सरकारी कंपनी है जो डिफेंस रेलवे और माइनिंग सेक्टर में काम करती है यह कंपनी सेना के लिए आर्मर्ड व्हीकल और ट्रक जैसे प्लेटफॉर्म बनाती है सितंबर 2025 तक इसका ऑर्डर बुक ₹16342 करोड़ था यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है मौजूदा साल की पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1473 करोड़ रहा हालांकि इस दौरान कंपनी को ₹9 करोड़ का घाटा हुआ पर आने वाले समय में इसके ऑर्डर इसे फायदा दे सकते हैं।
(इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है यह किसी निवेश सलाह या सिफारिश के रूप में न ली जाए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।)