भारत की एयरोस्पेस और Defence Sector की जानी-मानी कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) इन दिनों चर्चा में है हाल ही में कंपनी के शेयरों ने शेयर बाजार में तगड़ी छलांग लगाई है सोमवार को कंपनी के शेयर BSE में करीब 5% बढ़कर ₹249.70 तक पहुंच गए यह तेजी ऐसे समय में आई है जब कंपनी को देश की प्रमुख रक्षा संस्था DRDO से दो खास मंजूरियां मिली हैं.

Apollo Micro Systems & DRDO News
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को DRDO ने दो अलग-अलग ट्रांसफर्स ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) के लिए मंजूरी दी है पहली मंजूरी लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वीपन (DEW) सिस्टम के लिए है और दूसरी EO ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ी है इन दोनों तकनीकों के आने से कंपनी की डायरेक्टेड एनर्जी वीपन सबसिस्टम्स में क्षमता और भी मजबूत होगी कंपनी का कहना है कि अब वह भारतीय सेना के लिए और भी आधुनिक और सुरक्षित रक्षा समाधान तैयार कर पाएगी.
Modern Anto-Drone System
कंपनी फिलहाल ऐसे एंटी-ड्रोन सिस्टम विकसित कर रही है जो दुश्मन के ड्रोन को रोकने में सक्षम होंगे इन सिस्टमों में सॉफ्ट किल और हार्ड किल सॉल्यूशंस शामिल होंगे, यानी कुछ सिस्टम ड्रोन को निष्क्रिय कर देंगे और कुछ उन्हें नष्ट करने की ताकत रखेंगे भारत जैसे देश में, जहां सीमाओं पर ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों की चिंता रहती है, यह तकनीक बहुत उपयोगी मानी जा रही है.
Apollo Micro Systems Share Record
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है पिछले 5 साल में इनके शेयर 1997% तक बढ़े हैं दिसंबर 2020 में कंपनी के शेयर की कीमत सिर्फ ₹11.91 थी, जबकि दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर लगभग ₹249.80 तक पहुंच गई.
अगर सिर्फ पिछले चार साल देखें, तो शेयरों में 1871% की तेजी दर्ज की गई है वहीं, तीन साल में यह बढ़त करीब 921% और एक साल में 168% रही है कंपनी का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹354.65 और न्यूनतम स्तर ₹92.50 रहा है इन आंकड़ों से साफ दिख रहा है कि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स धीमी या साधारण ग्रोथ नहीं, बल्कि तेज़ उछाल वाली “मल्टीबैगर” कंपनी बन चुकी है.
Apollo Micro Systems Stock Split
कंपनी ने मई 2023 में अपने शेयरों को और सुलभ बनाने के लिए शेयर स्प्लिट (बंटवारा) भी किया था पहले एक शेयर की फेस वैल्यू ₹10 थी, जिसे कंपनी ने ₹1 के 10 शेयरों में बांट दिया इससे निवेशकों को शेयर में एंट्री आसान हुई और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा.
Apollo Micro Systems अब भविष्य की डिफेंस टेक्नोलॉजी पर ध्यान दे रही है DRDO से मिले ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के बाद यह कंपनी भारत के आत्मनिर्भर रक्षा अभियान, यानी “मेक इन इंडिया इन डिफेंस” को और मजबूत करेगी उन्नत ऊर्जा हथियार और एंटी-ड्रोन सिस्टम आने वाले समय में भारतीय सेना के लिए बड़ी गेम-चेंजर तकनीक बन सकते हैं.
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है यह किसी निवेश सलाह के रूप में न ली जाए निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.