Railway से जुड़ी मशीनें और ढांचे बनाने वाली टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (Texmaco Rail) के शेयर हाल ही में चर्चा में आए हैं। इसकी वजह कंपनी को मिला एक नया खरीद आदेश है। यह कंपनी रेलवे के डिब्बे, हाइड्रो मैकेनिकल उपकरण, स्टील कास्टिंग, रेल ईपीसी काम, पुल और अन्य स्टील ढांचे बनाने का काम करती है। नए ऑर्डर की खबर के बाद निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी हुई है।
Texmaco Rail शेयर की बाजार में स्थिति
टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड का बाजार पूंजीकरण करीब 5,128.53 करोड़ रुपये है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 128.50 रुपये के दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया। यह इसके पिछले बंद भाव 127.50 रुपये से करीब 0.78 प्रतिशत ज्यादा था। अगर लंबे समय की बात करें तो इस शेयर ने पिछले पांच साल में लगभग 398.02 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इससे पता चलता है कि कंपनी ने समय के साथ निवेशकों को अच्छा फायदा दिया है।
Texmaco Rail को मिला नया ऑर्डर
कंपनी को जेएसडब्ल्यू एनर्जी उत्कल लिमिटेड से 15.80 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर बीओबीआरएन वैगन और एक ब्रेक वैन की सप्लाई के लिए है। यह पूरी तरह से देश के अंदर का कॉन्ट्रैक्ट है। कंपनी ने बताया है कि एडवांस पेमेंट मिलने और रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद 4 से 5 महीने के भीतर इस सप्लाई को पूरा किया जाएगा। यह ऑर्डर कंपनी के मौजूदा काम में और मजबूती जोड़ने वाला माना जा रहा है।
Texmaco Rail की मजबूत ऑर्डर बुक
30 सितंबर 2025 तक टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग की कुल ऑर्डर बुक 6,367 करोड़ रुपये की थी। इसमें माल ढुलाई, ट्रैक्शन सिस्टम और रेलवे ढांचे से जुड़े नए और चल रहे दोनों तरह के प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह बड़ी ऑर्डर बुक आने वाले तिमाहियों में काम की अच्छी स्थिति दिखाती है। इसके साथ ही कंपनी का आरवीएनएल के साथ एक संयुक्त उपक्रम भी है, जिससे उसकी मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ रही है। इससे भविष्य में नए काम मिलने की संभावना और मजबूत होती है।
Texmaco Rail की हालिया वित्तीय हालात
नवंबर महीने में मिले कई ऑर्डर कंपनी के वित्तीय नतीजों को आगे चलकर बेहतर बना सकते हैं। हालांकि अभी के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरी तिमाही में कुछ गिरावट देखने को मिली है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनी की आय 1,258 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,346 करोड़ रुपये थी, यानी करीब 7 प्रतिशत की गिरावट। इसी दौरान ईबीडीआईटी 132 करोड़ रुपये से घटकर 124 करोड़ रुपये हो गया, जो 6 प्रतिशत की कमी है। शुद्ध मुनाफा भी साल दर साल 11 प्रतिशत घटकर 63.9 करोड़ रुपये रह गया। प्रति शेयर कमाई भी 1.62 रुपये पर आ गई, जो पिछले साल से 11 प्रतिशत कम है।
Disclaimer : यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति को समझें और किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।